Laukik Sahitya | लौकिक साहित्य एवं प्रमुख गद्य ग्रन्थ

Laukik Sahitya | लौकिक साहित्य एवं प्रमुख गद्य ग्रन्थ

Laukik Sahitya | लौकिक साहित्य एवं प्रमुख गद्य ग्रन्थ Laukik Sahitya | लौकिक साहित्य एवं प्रमुख गद्य ग्रन्थ: आदिकाल में कुछ लौकिक और गद्य ग्रंथों की रचनाएं हुई है जो निम्नानुसार है : राउलवेल | Raulvel रोड़ा या रोड इसके रचनाकार माने जाते हैं। यह एक गद्य पद्य मिश्रित प्राचीन चंपू शैली का प्राचीनतम उदाहरण … Read more

Nath Sahitya | नाथ साहित्य एवं नाथ पंथ के प्रमुख प्रवर्तक

Nath Sahitya | नाथ साहित्य एवं नाथ पंथ के प्रमुख प्रवर्तक

Nath Sahitya | नाथ साहित्य एवं नाथ पंथ के प्रमुख प्रवर्तक Nath Sahitya | नाथ साहित्य : नाथ संप्रदाय के प्रवर्तक मत्स्येंद्रनाथ एवं गोरखनाथ माने गए हैं। इनका समय 10वीं से 13वीं शती माना गया है तथा हिंदी संतकाव्य पर इनका पर्याप्त प्रभाव देखा गया है। अंतिम सिद्ध और पहले नाथ मत्स्येंद्रनाथ माने जाते हैं। … Read more

Jain Sahitya | जैन साहित्य : प्रमुख जैन कवि और रचनाएं

Jain Sahitya | जैन साहित्य : प्रमुख जैन कवि और रचनाएं

Jain Sahitya | जैन साहित्य : प्रमुख जैन कवि और रचनाएं Jain Sahitya | जैन साहित्य : इसका समय 8वीं शती से 10वीं शती रहा है। इनका केंद्र स्थान गुजरात का काठियावाड़ रहा है। जैन रचनाकारों को राष्ट्रकूट, सोलंकी, चालुक्य आदि राजाओं ने आश्रय दिया है। आदिकाल में चर्चरी, फागु, रास, चरिऊ शैलियों में केवल … Read more

Sidh Sahitya | सिद्ध साहित्य : प्रमुख सिद्ध और उनकी कृतियां

Sidh Sahitya | सिद्ध साहित्य : प्रमुख सिद्ध और उनकी कृतियां

Sidh Sahitya | सिद्ध साहित्य : प्रमुख सिद्ध और उनकी कृतियां Sidh Sahitya | सिद्ध साहित्य : आचार्य रामचंद्र शुक्ल ने अपने हिंदी साहित्य के इतिहास में 84 सिद्ध गिनाए हैं। जिनमें पहला सिद्ध लुहीपा को तथा अंतिम भलिपा को गिनाया है। सरहपा निम्‍न के प्रवर्तक माने जाते हैं : सिद्ध साहित्य सहजयान महासुखवाद पंचमकार … Read more

Aadikal | आदिकाल : हिंदी साहित्य का आरंभ

Aadikal | आदिकाल : हिंदी साहित्य का आरंभ

Aadikal | आदिकाल : हिंदी साहित्य का आरंभ Aadikal | आदिकाल : हिंदी साहित्य का आरंभ – हिंदी साहित्य का आरंभ का प्रश्न हिंदी भाषा के विकास से संबंध है। आठवीं सदी में साहित्यिक अपभ्रंश से इतर बोलचाल की लोक भाषा अपभ्रंश में साहित्य रचना होने लगी थी। आचार्य रामचंद्र शुक्ल ने उत्तर अपभ्रंश की … Read more

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